Bhartiya Antarrashtriya Ank Sanket | भारतीय अंतर्राष्ट्रीय अंक संकेत

Written by Rajesh Sharma

📅 April 15, 2022

Bhartiya Antarrashtriya Ank Sanket

आज संपूर्ण विश्व जिन Bhartiya Antarrashtriya Ank Sanket का उपयोग करता है,उनका आविष्कार भारत में हुआ है । यह कब कैसे हुआ इसे यहाँ समझेगें ।

Bhartiya Antarrashtriya Ank Sanket

Indian International Numeral System

आज संपूर्ण विश्व जिन अंकों का उपयोग करता है,

उनका आविष्कार तो भारत में हुआ ही है,

साथ ही इन अंकों के लिए जिन संकेतों का सहारा लिया जाता है,

वे अंक संकेत भी मूलत: भारत की देन है ।

 

पहले इन्हें अरेबिक अंकों के नामों से जाना जाता था, क्योंकि ये यूरोप को अरब के माध्यम से प्राप्त हुए थे । परन्तु अरब की पुस्तकों में इनका ‘हिन्दसा’ के नाम से स्पष्ट उल्लेख है, अत: विश्व स्वीकार कर चुका है कि ये अंक और इनके संकेत मूल रूप से भारत की खोज हैं ।

इन्हें गुबार अंक कहा जाता था, क्योंकि इन्हें लकड़ी की पाटी पर धूल से लिखा जाता था । धूल से लिखने की यह तकनीक कुछ समय पहले तक भारत में थी । इन अंकों को भारतीय अंतर्राष्ट्रीयअंक कहा जाता है । ये अंक-प्रतीक भारतीय ज्ञान के विश्व विजय की दिग्दिगन्त लहराती विजय पताकाएँ हैं ।

इसे भी पढें-

Ganit_गणित

Paee ka maan | पाई का मान

Jyamiti_ज्यामिति

Shoony_शून्य_Zero

Number System In Hindi

1 Comment

  1. abhi

    nice post sir

    Reply

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