गौ सेवा

Category:

Written by Rajesh Sharma

📅 March 29, 2021

गौ सेवा व गौ संस्कृति के वारे में यहाँ बताया गया है, यह जानने के लिए इस लेख को विधिवत पढे व पढाये । अधिक से अधिक लोगों को जागृत करें ।

गौरक्षा : में ही जीवन

जन्मदात्री माँ तो मात्र शिशु-अवस्था में ही पयपान कराती है परंतु गौमाता तो आजीवन हमें अपने दूध-दही-मक्खन आदि से पोषित करती है । उसका उपकार किस प्रकार चुकाया जा सकता है ? अपने इन सुंदर उपहारों से वह जीवन भर हमारा हित करती है । फिर भी गौमाता की उपयोगिता से अनभिज्ञ होकर सरकार की गलत नीतियों के कारण तथा मात्र उसके पालन-पोषण का खर्च वहन न कर पाने के बहाने उन्हें कत्लखानों के हवाले करना विकास का कौन-सा मापदंड है ? क्या गौमाता के प्रति हमारा कोई कर्तव्य नहीं है ?

गाय धरती का वरदान, जिसकी महिमा महान

* गौमाता के दर्शन एवं गाय के खुरों की धूलि मस्तक पर लगाने से भाग्य की रेखाएँ बदल जाती हैं, घर में सुख-समृद्धि एवं शांति बनी रहती है।
* जहाँ पर गौएँ रहती हैं उस स्थान को तीर्थभूमि कहा गया है, ऐसी भूमि में जिस मनुष्य की मृत्यु होती है उसकी तत्काल सद्गति हो जाती है, यह निश्चित है । – (ब्रह्मवैवर्तपुराण,श्रीकृष्णजन्म खंड : 21.91-93)
* गो-ग्रास देने तथा गाय की परिक्रमा करने से मनोकामना सिद्ध होती है, धन-संपदा स्थिर रहती है तथा अभीष्ट की प्राप्ति होती है।
* गाय को प्रेम से सहलाने से ग्रहबाधा, पीड़ा, कष्ट आदि दूर होते हैं।
* गौ के शरीर के रोम-रोम से गूगल जैसी पवित्र सुगंध आती है। उसके शरीर से अनेक
प्रकार की वायु निकलती है जो वातावरण को जंतुरहित करके पवित्र बनाती है ।

।। गौ-संस्कृति ।।

खेती, गौपालन, बागवानी और इन तीनों से जुड़े हुए उद्योगों (कामकाज) पर टिकी हुई एक जीवन शैली है । गौ-संस्कृति यानी बहुआयामी कृषि प्रणाली पर टिकी हुई जीवन व्यवस्था ।
* गौ-संस्कृति आधुनिक विज्ञान की अत्याधुनिक स्थापनाओं और शोधो के आधारभूत तथ्यों पर टिकी हुई है।
*. यह जीवन शैली प्राकृतिक पर्यावरण की विशुद्धता के साथ कम-से- कम छेड़छाड़ करते हुए यानी प्रकृति में जितने भी प्राणी-पशु, पक्षी, जल, जीव, जीवाणु आदि है उसके साथ अपना तालमेल बैठाकर जीवन जीने का तरीका है।
* गोबर रेडियोधर्मिता सोखता है एवं ईंधन, खाद की भी आपूर्ति करता है।
* गोसेवा केन्द्रित जीवन-पद्धति, गौशाला केन्द्रित ग्रामोद्योग और गोचर केन्द्रित कृषि से स्थायी, समग्र व संतुलित विकास संभव है।
* आधा टन वजन की गाय रात-दिन में 12 सौ वाट की गर्मी देती है। गोवंश लगभग 30 हजार मेगावाट जितनी ऊर्जा देता है। गायों के लिए गौशालाएँ आश्रय स्थल हैं, जो ऊर्जा केन्द्र बन सकती हैं।
* गोधन से विकसित धान्य और धन मानवता को हृदयहीन व जड़ होने से बचाता है।
* आधुनिक सभ्यता प्राकृतिक सम्पदा का अंधाधुंध दोहन कर रही है। पिछले 50-60 वर्षों से सारी दुनिया का पर्यावरण बुरी तरह प्रदूषित हुआ है। संसार के सभी प्रबुद्ध वैज्ञानिक इस स्थिति से चिंतित हैं।

विस्तृत जानकारी के लिए यह पुस्तक पढ़ें

0 Comments

Related Articles

Agni ki Khoj- अग्नि की खोज किसने की ?

Agni ki Khoj- अग्नि की खोज किसने की ?

Agni ki Khoj किसने की तथा यह कितने प्रकार की होती है व कहाँ कहाँ पाइ जात है । यह सब जानकारियाँ यहाँ दी जा रही है । शास्त्रो में इसका महत्व । Agni ki Khoj- Who Discovered Fire? मानव जाती का सबसे महत्वपूर्ण आविष्कार मानव का जब इस धरती पर प्रादुर्भाव हुआ, तब वह एक निरीह...

read more
Urja Kya Hai | ऊर्जा क्या है | What is Energy

Urja Kya Hai | ऊर्जा क्या है | What is Energy

Urja Kya Hai इस तथ्य से वैदिक ऋषि भलीभाँति परिचित थे । जल के घर्षण आदि से विजली उत्पन्न होती है यह बाद अनेक शास्त्रो में वर्णित है । Urja Kya Hai | ऊर्जा क्या है | What is Energy तम आपो अग्निं जनयन्त मातर:  । अग्ने पित्तम् अपाम असि  । - ऋग्वेद, 10 : 91 : 7 मातारूप जल...

read more
Panchtatva Kya hai | पंचतत्व क्या है | What is Panchatattva ?

Panchtatva Kya hai | पंचतत्व क्या है | What is Panchatattva ?

Panchtatva Kya hai इनके नाम व उपयोग कहाँ व कैसे हुआ । प्रकृति के जो पंचमहाभूत माने गए हैं उनकी उपासना कैसे होती है वह सब समझेगें । Panchtatva Kya hai | पंचतत्व क्या है | What is Panchatattva ? आकाश (Space) , वायु (Quark), अग्नि (Energy), जल (Force) तथा पृथ्वी...

read more

New Articles

Brahmakumari Sanstha kya hai | ब्रह्माकुमारी संस्था क्या है | What is Brahma Kumaris Sanstha

Brahmakumari Sanstha kya hai | ब्रह्माकुमारी संस्था क्या है | What is Brahma Kumaris Sanstha

Brahmakumari Sanstha kya hai (ब्रह्माकुमारी संस्था क्या है ?) इसकी स्थापना, संचालन, कार्य व उद्देश्य, प्रचार-प्रसार आदि की जानकारी यहाँ मिलेगी । ...

read more
Asarambapu ke Piche Kaun | आसारामबापू के पीछे कौन ?

Asarambapu ke Piche Kaun | आसारामबापू के पीछे कौन ?

Asarambapu ke Piche Kaun- झूठा आरोप लगवाने के लिए लड़कियों को कौन तैयार किया । उनके आश्रम में बच्चों के कंकाल किसने गाढा । इन तमाम बातों को यहाँ बताया जायेगा । Asarambapu ke Piche Kaun | आसारामबापू के पीछे कौन ? संत आसारामजी पर झूठा आरोप लगवाने के लिए लड़कियों को तैयार...

read more
Asaram Bapu ki Vichardhara- आसाराम बापू की विचारधारा क्या हैं ?

Asaram Bapu ki Vichardhara- आसाराम बापू की विचारधारा क्या हैं ?

सदैव सम व प्रसन्न रहना ईश्वर की सर्वोपरि भक्ति है । ऐसी ही Asaram Bapu ki Vichardhara बहुत सी हैं जो अपने जीवन में काम आती हैं । Asaram Bapu ki Vichardhara- आसाराम बापू की विचारधारा क्या हैं ? सदैव सम व प्रसन्न रहना ईश्वर की सर्वोपरि भक्ति है । किसी भी चीज को ईश्वर से...

read more
Narayan Sai Ki Hakikat | नारायण साँईं की हकीकत | Reality of Narayan Sai

Narayan Sai Ki Hakikat | नारायण साँईं की हकीकत | Reality of Narayan Sai

जेल की सलाखों के भीतर जीवन बिताने वाले Narayan Sai Ki Hakikat क्या है, इनके उपर हुए केश की सच्चाई लडकी के छेडछाड की हकीकत क्या है । Narayan Sai Ki Hakikat | Reality of Narayan Sai जेल की सलाखों के भीतर जीवन बितानेवाले नारायण साँईं कभी मॉरीसस के मुख्य अतिथि बनकर वहाँ...

read more
Asaram Bapu ka Sach- सुब्रमण्यम स्वामी व सुरेश चव्हाण का मत

Asaram Bapu ka Sach- सुब्रमण्यम स्वामी व सुरेश चव्हाण का मत

Asaram Bapu ka Sach के वारे में सुब्रमण्यम स्वामी व सुरेश चव्हाण क्या कहते हैं आसाराम बापू के उपर हुए केस व इसके पीछे किसका हाथ है जानिये । Asaram Bapu ka Sach- सुब्रमण्यम स्वामी व सुरेश चव्हाण का मत सुब्रमण्यम स्वामी : आसाराम बापू के खिलाफ एफ.आई.आर. में जिससे प्रचार...

read more
Isa Musa Aur Asaram | ईसा मुसा और आसाराम | Isa Musa and Asaram

Isa Musa Aur Asaram | ईसा मुसा और आसाराम | Isa Musa and Asaram

Isa Musa Aur Asaram में देखेगें आरोप के बाद भी बापू भगवान, युवती की मेडिकल रिर्पोट । वेश्या ने क्यों और किसका लिंग चबा डाला । ईसा मुसा और आसाराम | Isa Musa and Asaram आरोप के बाद भी बापू भगवान : आसाराम बापू आज भी अपने शिष्यों के लिए भगवान की तरह हैं । तभी तो आरोप चाहे...

read more