Bharatiy Yogiyon ke Chamatkar- भारतीय योगियों के चमत्कार व रहस्य भाग- 1

Written by Rajesh Sharma

📅 February 7, 2022

Yogiyon ke Chamatkar

मनुष्य अथाह शक्तियों का भण्डार है, योगी अपनी शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आत्मिक शक्तियों का उपयोग करता है जिससे Bharatiy Yogiyon ke Chamatkar होते हैं इस बात को यहाँ हम समझेगें ।

मनुष्य अथाह शक्तियों का भण्डार है परन्तु सामान्यतः मनुष्य अपनी शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आत्मिक शक्तियों का मात्र लाखवाँ भाग ही उपयोग कर पाता है। भगवद्भक्ति, मंत्रजप, प्राणोपासना, गुरुसेवा अथवा योग की सिद्धि हो जाने से उस मनुष्य की आन्तरिक शक्तियाँ एवं अन्तःप्रज्ञा जागृत हो जाती है और वह मानव से महामानव अर्थात् महापुरुष बन जाता है । अतः Bharatiy Yogiyon ke Chamatkar योगियों के चमत्कार देखे जाते है ।

रिद्धियाँ-सिद्धियाँ उसकी दासी हो जाती हैं। फिर उस महापुरुष में ईश्वरीय-शक्तियों का अवतरण होने लगता है । वह धर्म, अध्यात्म, संस्कृति एवं ईश्वरीय सत्ता का जीवन्त रूप होता है । वह लाखों-करोड़ों लोगों की आस्था का केन्द्र हो जाता है, वह परमात्मा का प्रतिरूप होता है ।

Yogiyon ke Chamatkarआधुनिक वैज्ञानिकों ने यह स्वीकार किया है कि मानव में निहित शक्ति कोे हजार या लाख गुना तक बढ़ा लिया जाय जिसे ‘सिण्डिरियन’ कहा जाता है तो कोई भी व्यक्ति चमत्कार कर सकता है । अगर ‘सिण्डिरियन’ को 10 लाख गुना बढ़ा लिया जाये तो अन्य ग्रहों की समस्त गतिविधियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, संदेश भेज सकते हैं, आकाश में विचरण कर सकते हैं, सूक्ष्म-शरीर धारण कर सकते हैं । इसी शक्ति से समुद्र सूख सकता है, पृथ्वी मनचाही जगह पर स्थानान्तरित हो सकती है ।

हम बात कर रहे हैं ब्रह्मवेत्ता महापुरुष की चमत्कार करना अलग बात है, ब्रह्मज्ञान पाना बहुत ऊँची बात है। विज्ञान इन विषयों में नन्हा साबित हो जाता है, विज्ञान का जहाँ अन्त होता है, आत्मविद्या वहाँ से आरम्भ होती है । विज्ञान कितना भी विकास करे लेकिन गधे को आदमी नहीं बना सकता जबकि भँवरी बिना प्रदूषण फैलाए कीड़े को अपने बिल में ले-जाकर अपने जैसा बना देती है।

रिद्धि-सिद्धियों के धनी 1400 वर्ष के चाँगदेव, 22 वर्ष के आत्मज्ञानी संत ज्ञानेश्वरजी का शिष्यत्व स्वीकार करके आत्मविद्या प्राप्त करते हैं । ब्रह्मज्ञानी महापुरुष चमत्कार करते नहीं, इनमें श्रद्धा रखने वालों की मनोकामना अपने आप पूर्ण हो जाती है, घटनाएँ घट जाती हैं, लोग भले ही इसे चमत्कार की संज्ञा दें । इन आत्मज्ञानी पुरुषों के  लिए चमत्कार करना तो मदारी का खेल जैसा ही है । यह भी पढे- सिद्ध योगियों की चमत्तकारी घटनाएं

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