Bharatiy Sanskriti- 7 | भारतीय संस्कृति, भाग- 7

Written by Rajesh Sharma

📅 April 7, 2022

Bharatiy Sanskriti- 7 | Indian Culture, Part- 7

Bharatiy Sanskriti- 7 में भारत की महान संस्कृति के बारे में बताया गया है, विश्व के महान खोजकर्ता, दार्शनिका आदि के विचार यहाँ पढें ।

प्राचीन भारतीयों ने विश्व को इसके धर्म एवं दर्शन के बारे में बताया मिश्र और यूनान, भारत के ज्ञान के ऋणी हैं । यह सभी जानते हैं कि पारथागोरस, ब्राह्मणों से सीखने भारत गया था । जो कि मानवता के लिए अत्याधिक ज्ञानवर्धक था  ।

– पियरे सोनेरट

लगभग सभी दार्शनिकों और गणितज्ञों के मतों ने पारथागोरस को विशेषता दो जो कि भारत से सीखा गया है ।

– लियोपोल्ड वोन स्क्रोडर

गीता सबसे सुंदर शायद केवल एक मात्र दार्शनिक गीत है आस्तिव में जानी मानी किसी भाषा में शायद सबसे गहरी और ऊँची वस्तु संसार में यही गीता ही दिखती है ।

– विल्हेम वान हमवोल्ड

पदार्थ की आणविक सरंचना हिन्दु लेखों में वैशेषिक एवं न्याय में बताई गई है । योगवाशिष्ठ में कहा है प्रत्येक परमाणु के अंदर बहुत बड़ा संसार (छिपा) है । जैसे सूर्य किरणों में चश्में में विविध रंग उत्पन्न होते दिखते  हैं और हमें उन्हें सत्य मानते हैं ।

– एन्डव टोमस

भारत ही वो एक देश है जिसे मैं अपना घर मानता हूँ केवल एक ही देश के हवाई अड्डे की भूमि को पर उतरने पर सदैव चूमता हूँ ।

– पॉल विलियम राबर्ट

यह कुतुहल है कि लोग स्क्रोडिंगर, नील्स बोर और ओपेनहिनर (आदि वैज्ञानिकों को) पसंद करते हैं वे उपनिषदों के विद्वान थे ।

– जॉन आर्कबाल्ड व्हीलर

भारत, चीन का शिक्षक था धर्म में और कल्पनामय साहित्य में और दुनिया का शिक्षक त्रिकोणमिति- वर्ग- समीकरण- व्याकरण ध्वनि (स्वर) विज्ञान अरेबियन नाइट्स पशु अख्यिान, शतरंज एवं दर्शन आदि में होने से अन्य दार्शनिकों बोकेशियो, गोटे, हर्डर, शोपेनहेर, इमर्सन और एशिया को भारत से प्रेरणा मिली

– डॉ. लिन युतंग

पूर्वी देशों का सबसे महत्वपूर्ण (गुण) दृष्टिकोण यह है कि कोई भी करीब इसको सबका सार कह ही सकता है । जो कि जाकरुक एकता और आपस में सभी वस्तुओं और घटनाओं में सम्बंधित है । संसार में सभी घटनाओं का अनुभव आधारिक अद्वैत एकता है । समस्त एहिक जगत में सभी वस्तुए एक दूसरे पर आधारित है और पृथक न करने योग्य है । जैसे एक ही अभिन्न वास्तविकता के विभिन्न रूप प्रगट हैं ।

– फ्रिटजोफ केपरा

भारतीय सभ्यता की सम्पूर्ण भवन है कि खाली मन में आध्यात्मिक विचार भरना ।

– डॉ. हेनरिच जिम्मर

भगवद् गीता की महानता ब्रह्मांड की महानता है जैसे अंधेरी रात में स्वर्ग का सितारा स्वयं चमकता है आश्चर्य है वैसे ही शाँत आत्मा में ये गीता रूपी गुलदस्ता आश्चर्य है ।

– जॉन मास्करो

इसे  भी पढें :

भारतीय संस्कृति, भाग- 1

भारतीय संस्कृति, भाग- 2

भारतीय संस्कृति, भाग- 3

भारतीय संस्कृति, भाग- 4

भारतीय संस्कृति, भाग- 5

भारतीय संस्कृति, भाग- 6

भारतीय संस्कृति, भाग- 8

भारतीय संस्कृति, भाग- 9

0 Comments

Submit a Comment

Related Articles

Bharatiy Sanskriti- 8 | भारतीय संस्कृति, भाग- 8

Bharatiy Sanskriti- 8 | भारतीय संस्कृति, भाग- 8

Bharatiy Sanskriti- 8 | Indian Culture, Part- 8 Bharatiy Sanskriti- 8 में भारत की महान संस्कृति के बारे में बताया गया है, विश्व के महान खोजकर्ता, दार्शनिका आदि के विचार यहाँ पढें । पश्चिमी विचारकों ने भारतीय दर्शन एवं धर्म (आध्यात्म) के अध्ययन से एक नई अदृश्य जटिल...

read more

New Articles

Garbhadharaṇa ra sambhogakala | गर्भधारण र सम्भोगकाल (Nepali)

Garbhadharaṇa ra sambhogakala | गर्भधारण र सम्भोगकाल (Nepali)

यस Garbhadharaṇa ra sambhogakala लेखमा दिव्य सन्तान पाउनका लागि सम्भोग गर्ने समय र विधि बताइएको छ। Garbhadharaṇa ra sambhogakala | गर्भधारण र सम्भोगकाल सहवास हेतु श्रेष्ठ समय * उत्तम सन्तान प्राप्त गर्नका लागि सप्ताहका सातै बारका रात्रिका शुभ समय यसप्रकार छन् : -...

read more
Santa avahēlanākō phala | सन्त अवहेलनाको फल

Santa avahēlanākō phala | सन्त अवहेलनाको फल

यस Santa avahēlanākō phala लेखमा सन्त महापुरुषको अवहेलनाबाट कस्तो दुष्परिणाम भोग्नुपर्छ भन्ने ज्ञान पाइन्छ। Santa avahēlanākō phala | सन्त अवहेलनाको फल आत्मानन्दको मस्तीमा निमग्न रहने कुनै सन्तलाई देखेर एक जना सेठले सोचे, ‘ब्रह्मज्ञानीको सेवा ठुलो भाग्यले पाइन्छ ।...

read more
Bharat Ka Sanskritik Samrajya । भारत का सांस्कृतिक साम्राज्य

Bharat Ka Sanskritik Samrajya । भारत का सांस्कृतिक साम्राज्य

प्राचीन काल में Bharat Ka Sanskritik Samrajya पूरे विश्व में फैला हुआ था । हमारे इतिहार व प्राप्त खुदाई के साक्ष्य इसके गवाहा हैं । Bharat Ka Sanskritik Samrajya । Cultural Empire Of India प्राचीन समय में आर्य सभ्यता और संस्कृति का विस्तार किन-किन क्षेत्रों में हुआ...

read more
Sabaibhanda Ramro Swasthya Rasayana | सबैभन्दा राम्रो स्वास्थ्य रसायन- Nepali

Sabaibhanda Ramro Swasthya Rasayana | सबैभन्दा राम्रो स्वास्थ्य रसायन- Nepali

यस Sabaibhanda Ramro Swasthya Rasayana लेखमा पूर्ण स्वास्थ्यका लागि बताइएका युक्तिहरूको अभ्यासबाट पूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त गर्न सकिन्छ। Sabaibhanda Ramro Swasthya Rasayana सबैभन्दा राम्रो स्वास्थ्य रसायन ♦ हरेक बिहानी तुलसीको पाँचसात ओटा पात चपाएर एक गिलास बासी पानी...

read more
Upayogi Mudraharu | उपयोगी मुद्राहरू- Nepali

Upayogi Mudraharu | उपयोगी मुद्राहरू- Nepali

यस Upayogi Mudraharu लेशमा स्वास्थ्यका केही उपयोगी मुद्राबारे जानकारी दिइएको छ। Upayogi Mudraharu | उपयोगी मुद्राहरू बिहानीपख नित्यकर्म गरिसकेपछि आसन ओछयाएर पद्मासन अथवा सुखासन जमाएर बस्ने । 5-10 गहिरो सास लिएर बिस्तारै बिस्तारै छाडने । त्यसपछि शान्तचित्त भएर निम्न...

read more
Namak ke Prakar- नमक के प्रकार भारत में

Namak ke Prakar- नमक के प्रकार भारत में

भारत में Namak ke Prakar नमक के प्रकार को जानने के लिए व रस, अम्ल क्षार का उपयोग कैसे होता है यहाँ जानने को मिलेगा । Namak ke Prakar- नमक के प्रकार भारत में सौवर्चलसैन्धवकं चूलिकमामुद्ररोमकविडानि  । षडुूलवणान्येति तु सर्जीयवटंकणाः क्षाराः     । । - रस हृदय, नवम पटल...

read more