Brahmkumar Devenra Sex Lila | ब्रह्मकुमार देवेन्द्र सेक्स लीला

Written by Rajesh Sharma

📅 March 2, 2022

लेखराज के बाद दूसरा शिव बना वीरेन्द्र देव दीक्षित जिसने अपना अलग से अड्डा बनाकर Brahmkumar Devenra ने Sex Lila रचा ।

Brahmkumar Devenra Sex Lila

ब्रह्मकुमार देवेन्द्र सेक्स लीला

वीरेन्द्र देव दीक्षित ब्रह्माकुमारी संस्था माउण्ट आबू से लेखराज का ज्ञान सीखा और अहमदाबाद में रहकर इस पाखण्ड का प्रचार-प्रसार करने लगा । यहाँ बहुत समय बाद वीरेन्द्र्र खुद को शंकर सिद्ध करने लगा । इसके लिये वह खुद की मुरली (जिसे वह नगाड़ा कहता था) सुनाने लगा ।

इसके तमाम अधार्मिक कुकृत्यों के लिये अहमदाबाद की जनता ने इसे खूब पीटा । अहमदाबाद से भाग कर वह पुष्पा माता के पास दिल्ली चला गया । इनके घर एक गरीब चपरासी की 9 साल की लड़की कमला दीक्षित रहती थी ।

वीरेन्द्र कमला के साथ बलात्कार करता रहा और उसे रोज कहता कि मैं तुम्हें जगदम्बा बना रहा हूँ । पुष्पा माता का घर छोड़ दिल्ली में ही प्रेमकान्ता के घर चला गया। यहाँ प्रेमकान्ता का भी बलात्कार करता रहा और इसे भी कहा कि मैं तुम्हें जगदम्बा बना रहा हूँ। वीरेन्द्र लोगों को कहता था कि मैं कामीकांता (कामी देवता) हूँ मेरे पास 8 पटरानियाँ हैं ।

सन् 1973 से सन् 1976 तक तथाकथित शिव बनकर इन लड़कियों को पटरानी बनाकर सहवास करता रहा ।

Related Artical

ब्रह्मकुमार देवेन्द्र सेक्स लीला, पार्ट-2

सन् 1976 में वीरेन्द्र ने एडवांस पार्टी नामक संगठन खड़ा किया तथा ‘आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविघालय’ चालू किया। सन् 1976 में उत्तर प्रदेश के कम्पिल गाँव (जिला-फर्रुखाबाद) में एक आश्रम बनाया ।

वीरेन्द्र लोगों को कहने लगा कि लेखराज मेरे शरीर में आ गये हैं और मैं कृष्ण की आत्मा हूँ इसलिए मुझे 16,108 गोपियों की जरुरत है। आश्रम में आती जवान औरतों के साथ बलात्कार करना चालू किया ।

लेखराज की तरह वीरेन्द्र ने भी घोर अनैतिकता व पाखण्ड फैलाया । जिसके लिये फर्रुखाबाद की युवा शक्ति, मिसाइल फोर्स, रेड आर्मी आदि की महिला संगठनों ने इन कुकृत्यों के खिलाफ आन्दोलन किया।

सन् 1998 में बलात्कार के केस में वीरेन्द्र व उसके साथियों को 6 महीने तक जेल में रहना पड़ा । इसी दौरान आयकर वालों ने इसके आश्रम में छापा मारकर 5 करोड़ रुपये जब्त किये ।

Related Artical

0 Comments

Submit a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Brahmakumariyon se Savadhan | ब्रह्माकुमारियों से सावधान

Brahmakumariyon se Savadhan | ब्रह्माकुमारियों से सावधान

Brahmakumariyon se Savadhan । ब्रह्माकुमारीयों का पाखण्ड तेजी से फैल रहा है। इनके अड्डेे धूर्तता, पाखण्ड, व्यभिचार प्रचार के केन्द्र हैं । इन सारी बोतों को यहाँ समझेगें । Beware of Brahma...

read more
Brahmakumariyon ka Pakhand | ब्रह्माकुमारियों का पाखण्ड

Brahmakumariyon ka Pakhand | ब्रह्माकुमारियों का पाखण्ड

Brahmakumariyon ka Pakhand यह ना ही कोई धर्म बल्कि सिर्फ और सिर्फ एक झूठ, फरेब से काम करने वाला अधार्मिक संगठन है । इसके बारे में लोग क्या कहते हैं यहाँ पढेगें । Brahmakumariyon ka...

read more
Brahmkumaron ke Kale Karnamen | ब्रह्माकुमारों के काले-कारनामे

Brahmkumaron ke Kale Karnamen | ब्रह्माकुमारों के काले-कारनामे

Brahmkumaron ke Kale Karnamen Black Exploits of Brahmakumars Brahmkumaron ke Kale Karnamen बलात्कार व जबरन गर्भपात । अक्सर ‘ब्रह्माकुमारी ध्यान योग केन्द्र’ व्यभिचार एवं अय्याशी का अड्डा है । निम्न घटनाओं से इस हम समझेगें । छतरपुर, जिला भोपाल (म.प्र.) की एक 26 वर्षीय...

read more

New Articles

Mangalamaya mrtyu ! | मङ्गलमय मृत्यु ! (Nepali)

Mangalamaya mrtyu ! | मङ्गलमय मृत्यु ! (Nepali)

यस Mangalamaya mrtyu लेखमा अवश्यम्भानी मृत्युलाई कसरी मङ्गलमय बनाउनेबारे जान्नुहुने छ। Mangalamaya mrtyu ! | मङ्गलमय मृत्यु ! सन्तहरूको सन्देश हामीले जीवन र मृत्युको धेरै पटक अनुभव गरिसकेका छौ । सन्तमहात्माहरू भन्छन्, ‘‘तिम्रो न त जीवन छ र न त तिम्रो मृत्यु नै हुन्छ ।...

read more
Sadgatiko raajamaarg : shraaddh | सद्गतिको राजमार्ग : श्राद्ध (Nepali)

Sadgatiko raajamaarg : shraaddh | सद्गतिको राजमार्ग : श्राद्ध (Nepali)

यस Sadgatiko raajamaarg : shraaddh लेखमा मृतक आफन्त आदिको श्राद्धले उसको सद्गति हुने तथा उसको जीवात्माको शान्ति हुन्छ भन्ने कुरा उदाहरणसहित सम्झाइएको छ। श्राद्धा सद्गगतिको राजमार्ग हो। Sadgatiko raajamaarg : shraaddh | सद्गतिको राजमार्ग : श्राद्ध श्रद्धाबाट फाइदा -...

read more
Vyavaharaka kehi ratnaharu | व्यवहारका केही रत्नहरू (Nepali)

Vyavaharaka kehi ratnaharu | व्यवहारका केही रत्नहरू (Nepali)

यस Vyavaharaka kehi ratnaharu लेखमा केही मिठो व्यबहारका उदाहरणहरू दिएर हामीले पनि कसैसित व्यवहार सोही अनुसार गर्नुपर्छ भन्ने सिक छ। Vyavaharaka kehi ratnaharu | व्यवहारका केही रत्नहरू शतक्रतु इन्द्रले देवगुरु बृहस्पतिसँग सोधे : ‘‘हे ब्रह्मण ! त्यो कुन वस्तु हो जसको...

read more
Garbhadharaṇa ra sambhogakala | गर्भधारण र सम्भोगकाल (Nepali)

Garbhadharaṇa ra sambhogakala | गर्भधारण र सम्भोगकाल (Nepali)

यस Garbhadharaṇa ra sambhogakala लेखमा दिव्य सन्तान पाउनका लागि सम्भोग गर्ने समय र विधि बताइएको छ। Garbhadharaṇa ra sambhogakala | गर्भधारण र सम्भोगकाल सहवास हेतु श्रेष्ठ समय * उत्तम सन्तान प्राप्त गर्नका लागि सप्ताहका सातै बारका रात्रिका शुभ समय यसप्रकार छन् : -...

read more
Santa avahēlanākō phala | सन्त अवहेलनाको फल

Santa avahēlanākō phala | सन्त अवहेलनाको फल

यस Santa avahēlanākō phala लेखमा सन्त महापुरुषको अवहेलनाबाट कस्तो दुष्परिणाम भोग्नुपर्छ भन्ने ज्ञान पाइन्छ। Santa avahēlanākō phala | सन्त अवहेलनाको फल आत्मानन्दको मस्तीमा निमग्न रहने कुनै सन्तलाई देखेर एक जना सेठले सोचे, ‘ब्रह्मज्ञानीको सेवा ठुलो भाग्यले पाइन्छ ।...

read more
Bharat Ka Sanskritik Samrajya । भारत का सांस्कृतिक साम्राज्य

Bharat Ka Sanskritik Samrajya । भारत का सांस्कृतिक साम्राज्य

प्राचीन काल में Bharat Ka Sanskritik Samrajya पूरे विश्व में फैला हुआ था । हमारे इतिहार व प्राप्त खुदाई के साक्ष्य इसके गवाहा हैं । Bharat Ka Sanskritik Samrajya । Cultural Empire Of India प्राचीन समय में आर्य सभ्यता और संस्कृति का विस्तार किन-किन क्षेत्रों में हुआ...

read more