Vishw ki Aadi Calender Parampara । विश्व की आदि कैलेण्डर परम्परा

Written by Rajesh Sharma

📅 April 27, 2022

Vishw ki Aadi Calender Parampara

World’s Oldest Calendar Tradition

माना जाता है कि कृषि एवं यज्ञ आदि के उद्देश्य से पंचांग की रचना हुई । इसमें अन्य पाँच बातें भी शामिल हैं इसलिए इसे पंचांग भी कहा जाता है । अयन, मास, पक्ष, सप्ताह इस प्रकार काल विभाजन किया गया है । Vishw ki Aadi Calender Parampara भारत से ही शुरु हुई है ।

विभिन्न हिन्दु संवत 

कल्पाब्द-   1, 97, 29, 49, 106

सृष्टि-   1, 95, 58,85, 106

वामन-   1, 96, 08, 89, 106

राम-   1, 25, 69, 106

कृष्ण-   5, 233

युधिष्ठिर-  5, 106

बुद्ध-   2, 581

महावीर-   2, 533

शंकराचार्य-   2, 286

विक्रम-   2, 063

शक-   1, 928

कलचुरी-   1, 756

वल्लभी-   1, 634

बंगला-   1, 413

हर्षाब्द-  1, 397

इसे भी पढें- 

विश्व काल गणना का प्राचीन मानक केंद्र

विश्व के अन्य संवत

चीनी-   9, 60, 02, 302

खताई-   88, 38, 377

मिस्त्र-   27, 661

तुर्की-   7, 614

ईरानी-   6,012

इब्राहिम-   4, 447

मूसा-   3, 711

यूनानी-   3, 580

रोमन-   2, 758

वर्मा-   2, 547

मलयकेतु-   2, 319

पारसी-   2, 254

ईसा-   2, 007

जावा-   1, 933

हिजरी ‘इस्लाम‘-   1, 427

आमतौर पर विश्व में सर्वाधिक प्रचलित ईसा कैलेण्डर अधिक वैज्ञानिक माना जाता है, परन्तु ऐसा नहीं है । इस कैलेण्डर में सूक्ष्मता का अभाव है । इसलिए कई बार इसका समय बदला गया है । इसके विपरीत भारतीय कैलेण्डर के निर्माण में प्रारंभ से ही कालगणना का इतनी सूक्ष्मता से ध्यान रखा गया कि कभी भी इसमें परिवर्तन की आवश्यकता नहीं पड़ी । इस लिए Vishw ki Aadi Calender Parampara में भारत का नाम आता है ।

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