व्रताचरण से मनुष्य को उन्नत जीवन

व्रताचरण से मनुष्य को उन्नत जीवन की योग्यता प्राप्त होती है । व्रतों में तीन बातों की प्रधानता है -
1. संयम-नियम का पालन, 2. देवाराधन तथा 3 लक्ष्य के प्रति जागरूकता ।
व्रतों से अन्तःकरण की शुद्धि के साथ-साथ बाह्य वातावरण में भी पवित्रता आती है तथा संकल्पशक्ति में दृढ़ता आती है । इनसे मानसिक शांति और ईश्वर की भक्ति भी प्राप्त होती है । भौतिक दृष्टि ...Read more


गाय की सुरक्षा, सर्वस्व की रक्षा

जन्मदात्री माँ तो मात्र शिशु-अवस्था में ही पयपान कराती है परंतु गौमाता तो आजीवन हमें अपने दूध-दही-मक्खन आदि से पोषित करती है । उसका उपकार किस प्रकार चुकाया जा सकता है ? अपने इन सुंदर उपहारों से वह जीवन भर हमारा हित करती है । फिर भी गौमाता की उपयोगिता से अनभिज्ञ होकर सरकार की गलत नीतियों के कारण तथा मात्र उसके पालन-पोषण का खर्च वहन न कर पाने के बहान...Read more