नशामुक्ति कार्यक्रम

नशामुक्त जीवन, सुखमय जीवन ।
इस अभियान के अंतर्गत विशेषज्ञों द्वारा लोगों को नशे से होनेवाली हानियों तथा उससे बचने के उपायों के बारे में बताया जाता है । एक आकर्षक प्रदर्शनी के माध्यम से शराब, बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू, गुटखा इत्यादि नशीले पदार्थों से होनेवाले रोगों के बारे में समझाया जाता है तथा उन रोगों का उपचार बताया व किया जाता है ।
नशे से सावधान करनेवाला साहित्य, सीडी, पैम्फलेट, पोस्टर, कैलेण्डर इत्यादि दिये जाते हैं, ताकि इन सभी चीजों का लाभ लेकर व्यक्ति स्वयं नशे से बचे व दूसरों को भी सावधान करे ।
आयुर्वैदिक मुखवास उपलब्ध कराये जाते हैं तथा इन्हें बनाने की विधि भी बतायी जाती है । इनका उपयोग करने से किसीके लिए भी नशा छोड़ना बिल्कुल आसान हो जाता है और वह आगे भी नशे से बच सकता है । उपचार के लिए गौमूत्र (गौझरण), सौंफ-मिश्री, हरड़, आँवला, तुलसी इत्यादि का उपयोग कैसे किया जाय तथा इनसे असाध्य रोग कैसे ठीक होते हैं, यह भी बताया जाता है ।
अंत में एक संकल्प-सभा का आयोजन किया जाता है, जिसमें संकल्प कराया जाता है कि 'हम इष्टदेव, भगवान सूर्य व पृथ्वी माता को साक्षी मानकर यह संकल्प लेते हैं कि आज से हम कोई नशा नहीं करेंगे तथा दूसरों को भी नशे से सावधान करेंगे ।' यह संकल्प तीन बार दोहराया जाता है तथा घर जाकर इस संकल्प को सुबह-शाम दोहराने की सभीसे प्रतिज्ञा करायी जाती है ।

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2017
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